भोपाल गैस पीड़ित संगठनों ने प्रधानमंत्री मोदी से मुआवज़ा, अपराधिक मामले और ज़हर सफाई के मुद्दों पर उनके 10 सितम्बर के भोपाल दौरे के दौरान बैठक के लिए समय माँगा

प्रेस विज्ञप्ति                      8 सितम्बर, 2015

भोपाल में दिसंबर ’84 यूनियन कार्बाइड के  गैस कांड के पीड़ितों के पाँच संगठनों के नेताओं ने आज एक पत्रकार वार्ता में यह आशा जताई कि प्रधानमंत्री अपने भोपाल दौरे में कार्बाइड कारखाने और उसके आस पास के प्रदूषित इलाके को देखेंगे और पीड़ितों के संगठनों से मुलाक़ात करेंगे । सितम्बर 4 को कलेक्टर को सौपे गए एक आवेदन के मार्फत संगठनों ने प्रधानमंत्री से मुआवज़ा,आपराधिक मामले और ज़हर सफाई पर बात करने के लिए 15 मिनट का समय माँगा है ।

भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ की अध्यक्षा रशीदा बी ने कहा, “1 अगस्त 2014 से 17 मार्च 2015 के बीच हमने प्रधानमंत्री को 6 ज्ञापन भेजे हैं पर उनमें से किसी का भी जवाब नहीं आया है ।  हमने प्रधानमंत्री से यह गुहार की कि जिन गैस पीड़ितों को मुआवजे में पहले मात्र 25,000 रूपए मिले हैं उन्हें केंद्र सरकार की तरफ से 1 लाख रूपए दिए जाए परन्तु प्रधानमंत्री के दफ्तर से हमारे ज्ञापनों को रसायन मंत्रालय को भेजने के अलावा और कोई कार्यवाही नहीं हुई है ।”

“परित्यक्त कारखाने के आस-पास  पर्यावरणीय प्रदूषण के ज्वलंत मुद्दे के प्रति प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित करने के लिए हमने हर संभव प्रयास किए हैं। भोपाल में हर रोज कई नए लोग इस ज़हरीले प्रदूषण का शिकार हो रहे हैं पर प्रधानमंत्री ने आज तक डाव केमिकल को भोपाल की सफाई के लिए मजबूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है”, कहते हैं भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के बालकृष्ण नामदेव।

भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन एंड एक्शन की रचना ढिंगरा ने कहा कि, “वर्तमान प्रधानमंत्री के साथ सबसे बड़ी निराशाजनक बात यह है कि उनके निर्देश में काम करने वाली सी.बी.आई. की कार्य प्रगति अत्यंत दयनीय है। मोदी जी के अधीन सी.बी.आई. ने डाव केमिकल की भारतीय शाखा के खिलाफ रिश्वतखोरी के मामले से हट गई, डाव केमिकल को आपराधिक प्रकरण में हाज़िर करने में दो बार असमर्थ रही और यूनियन कार्बाइड के भारतीय अधिकारियों के खिलाफ सज़ा बढ़ाने के लिए एक बार भी तर्क पेश नहीं किए हैं।”

“पिछले 1 साल के निराशाजनक अनुभव के बावजूद हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री स्वयं पीड़ितों की मौजूदा हालत और ज़हरीले प्रदूषण की स्थिति के बारे में हालिया जानकारी लेने का प्रयास करेंगे। हम आशा करते हैं कि मुआवज़े, ज़हर सफाई और हत्यारी कार्बाइड को सज़ा जैसे लंबित मुद्दों को सुलझाने की कोशिश करेंगे,” कहते हैं भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा के नवाब खाँ।

डाव-कार्बाइड के खिलाफ बच्चे की साफरीन ख़ान ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री भोपाल के गैस पीड़ित इलाको में नहीं जाते, पीड़ितों के संगठनों से नहीं मिलते यह ऐसा होगा कि कोई हिन्दू बनारस जाए और काशी विश्वनाथ मंदिर ना जाए ।

रशीदा बी

भोपाल गैस पीड़ित स्टेशनरी कर्मचारी संघ

9425688215

बालकृष्ण नामदेव

भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा, 9826345423

नवाब खाँ

भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा

8718035409

रचना ढींगरा, सतीनाथ षडंगी

भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन एंड एक्शन, 9826167369

साफरीन ख़ान

डाव-कार्बाइड के खिलाफ बच्चे

अधिक जानकारी के लिए www.bhopal.net पर जाए

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