पत्रकार वार्ता
30 नवम्बर 2024
भोपाल में यूनियन कार्बाइड हादसे के पीड़ितों के चार संगठनों ने आज एक पत्रकार वार्ता में घोषणा की कि उन्होंने बहुसंख्यक गैस पीड़ितों को मुआवजे के मामले में हुए अन्याय को दूर करने के लिए हाल ही में भारत के सर्वोच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर की है। याचिका में कैंसर और घातक किडनी रोगों से ग्रस्त उन पीड़ितों के लिए अतिरिक्त मुआवजे की मांग की गई है, जिनकी गैस के संपर्क में आने से हुई शारीरिक नुकसान को गलत तरीके से अस्थायी क्षति के श्रेणी में रखा गया था।
सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी को साझा करते हुए, भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संगठन की अध्यक्ष रशीदा बी ने कहा, “आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, कैंसर से ग्रस्त 11,278 पीड़ितों में से 90% और घातक किडनी रोगों से ग्रस्त 1855 पीड़ितों में से 91% को सरकार द्वारा इसके लिए अनुग्रह राशि का भुगतान किया गया, लेकिन उन्हें मुआवजे के रूप में केवल 25 हजार रुपये मिले।”
भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के बालकृष्ण नामदेव ने कहा, “हम ख़ुशनसीब हैं कि ओडिशा के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डॉ. एस मुरलीधर ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष हमारा मामला प्रस्तुत करने की कृपा की है। इससे पहले डॉ. मुरलीधर ने सर्वोच्च न्यायालय से हम गैस पीड़ितों को पर्याप्त स्वास्थ्य सेवा पाने का अधिकार और सभी भोपाली दावेदारों के लिए प्रो-रेटा मुआवजा दिलाया है।”
गैस काण्ड से सेहत को पहुँचे नुकसान के गलत वर्गीकरण के मुद्दे पर बोलते हुए भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन एंड एक्शन की रचना ढींगरा ने कहा, “यूनियन कार्बाइड के अपने दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मिथाइल आइसोसाइनेट के संपर्क से स्वास्थ्य को होने वाली क्षति स्थायी प्रकृति की है, फिर भी मुआवजे के लिए 93% दावेदारों को मुआवज़ा संचालनालय द्वारा केवल “अस्थायी” तौर पर क्षतिग्रस्त माना गया है। गैस पीड़ितों को अपर्याप्त मुआवजा मिलने के पीछे यही मुख्य कारण है।”
भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष नवाब खान ने सुप्रीम कोर्ट के 1991 और 2023 के आदेशों का हवाला देते हुए कहा, “अपने आदेशों में सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि भोपाल पीड़ितों को दिए जाने वाले मुआवजे में किसी भी तरह की कमी की भरपाई भारत सरकार को करनी होगी। कैंसर और जानलेवा किडनी रोगों से पीड़ित भोपाल के पीड़ितों के लिए कम से कम 5 लाख रुपये के अतिरिक्त मुआवजे के लिए हमारा मामला स्पष्ट रूप से अपर्याप्त मुआवज़ा का मामला है।”
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रशीदा बी |
बालकृष्ण नामदेव |
रचना ढींगरा |
नवाब खान एवं नसरीन |
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गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ |
भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा |
भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन |
भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा |
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8827218215 |
9826345423 |
9826167369 |
8717945791 |



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