प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक 26 नवम्बर 2015
भोपाल में यूनियन कार्बाइड के परित्यक्त कारखाने के आस-पास के मोहल्लों के सैकड़ों रहवासियों ने आज जवाहरलाल नेहरू अस्पताल पर प्रदर्शन कर मुफ्त इलाज, साफ़ पानी की आपूर्ति और पानी के बिल माफ़ करने की माँग की | यूनियन कार्बाइड पानी पीड़ित संघर्ष मोर्चा की तरफ से प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार के भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री को ज्ञापन सौंपा ।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि लखनऊ की भारतीय विष विज्ञान शोध संस्थान के 2013 की रिपोर्ट के मुताबिक़ 22 मोहल्लों का भूजल कीटनाशक कारखाने के ज़हरीले कचरे की वजह से प्रदूषित हो चुका है| उनके अनुसार पिछले बीस से भी अधिक सालों से वे ऐसा पानी पीते आ रहे हैं जिसमें गुर्दे, लीवर, फेफड़े और मस्तिष्क को नुकसान पहुँचाने वाले रसायन और भारी धातु हैं जिनसे कैंसर तथा जन्मजात विकृतियाँ होती हैं।
शिव नगर की गृहणी श्रीमती सुनीता ने कहा की जहाँ 1984 में यूनियन कार्बाइड की ज़हरीली गैसों से प्रभावित लोगों को मुफ्त इलाज दे रही है वही उसी कंपनी द्वारा प्रदूषित भूजल से पीड़ित 10,000 परिवारों को मुफ्त इलाज नहीं देने का कोई औचित्य नहीं है।
प्रदेश सरकार की संस्था पुनर्वास अध्ययन केंद्र की 2009 रिपोर्ट के हवाले से नवाब कॉलोनी के रहवासी श्री इकबाल खाँ बताते हैं कि इस वैज्ञानिक शोध से यह नतीजा निकला था कि प्रदूषित भूजल वाली आबादी में अप्रभावित आबादी की अपेक्षा श्वसन एवं पाचन तंत्र के साथ-साथ चमड़ी और आँखों की बीमारियाँ ज़्यादा हैं।
मुफ्त इलाज के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों ने जन्मजात विकलांगता वाले बच्चों की पुनर्वास सुविधाओं की भी माँग की । “माता पिता के ज़हरीले पानी पीने की वजह से हमारे मोहल्ले में हर पाँचवे घर में एक बच्चा शारीरिक और मानसिक अपंगता के साथ पैदा होता है ।” सरकार को चाहिए कि इनके पुनर्वास के लिए विशेष व्यवस्था करे, कहती हैं ब्लूमून कॉलोनी की शहजादी बी।
शिव शक्ति नगर की उषा डोंगरे ने नगर-निगम द्वारा पानी के बिल के तौर पर अत्यधिक पैसे की माँग करने की शिकायत की। दूसरे प्रदर्शनकारियों के साथ वह निःशुल्क पानी पहुँचाने की माँग कर रही हैं। “हमने 20 सालों तक सरकारी हैंडपम्प का ज़हरीला पानी पिया है, अब इस ज़हर को हमारे शरीर से निकालने के लिए सरकार को चाहिए कि हमें कम-से-कम 20 सालों तक मुफ्त साफ़ पानी पिलाए।
सर्वोच्च न्यायालय के मई 2004 के आदेश के फलस्वरूप अगस्त 2014 में प्रदेश सरकार द्वारा 10 ,000 परिवारों को पीने के पानी के निःशुल्क कनेक्शन दिए गए। आज कई रहवासी पानी गंदा, अपर्याप्त मात्रा में होने और समय पर न आने की शिकायत करते हैं। उड़िया बस्ती के श्री गंगाराम के अनुसार आज पाईप द्वारा पानी आपूर्ति की समस्याओं की वजह से कई हज़ार रहवासी ज़हरीला पानी पीने को मजबूर हैं।

श्रीमती सुनीता-शिव नगर, श्रीमती उषा ढ़ोंगरे-शिव शक्ति नगर, श्री इकबाल खाँ-नवाब कॉलोनी, श्रीमती शहज़ादी बी-ब्लू मून कॉलोनी, श्री गंगाराम-उड़िया बस्ती
यूनियन कार्बाइड पानी पीड़ित संघर्ष मोर्चा



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