यूनियन कार्बाइड हादसे के पीड़ितों के पाँच संगठनों ने सरकारों से अपना वादा पूरा करवाने के लिए शान्तिपूर्ण जन आन्दोलन शुरू करने की घोषणा की

पत्रकार वार्ता
20 दिसम्बर, 2022

भोपाल में यूनियन कार्बाइड हादसे के पीड़ितों  के पाँच संगठनों ने आज एक पत्रकार वार्ता में दिसम्बर 1984 के गैस हादसे में हुई मौतों और चोटों के आँकड़ों पर राज्य और केंद्र सरकारों की चुप्पी की निंदा की। उन्होंने घोषणा की कि यदि उन्हें 26 दिसम्बर तक सुधार याचिका में आँकड़ों के सुधार की जानकारी नहीं मिली , तो वे सरकारों से अपना वादा पूरा करवाने के लिए शान्तिपूर्ण  जन आन्दोलन शुरू करेंगे। ज्ञातव्य है कि भोपाल गैस हादसे के लिए अमरीकी कम्पनी यूनियन कार्बाइड और उसके मालिक डाव केमिकल से अतिरिक्त मुआवज़े की माँग करते हुए 2010 में केन्द्र सरकार द्वारा दायर सुधार याचिका की जल्द ही 10 जनवरी को सुनवाई होगी |

भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ की अध्यक्ष रशीदा बी ने कहा, ”17 नवंबर को भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग की प्रमुख सचिव ने एक बैठक में हमें आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री के विचारों के अनुरूप राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सुधार  याचिका में हादसे से जुड़ी मौतो का आँकड़ा 5,295 से 15,342 तक संशोधित किया जाए  और सभी 5,21,332 लोगों को लगी चोटों को अस्थाई के बदले स्थायी प्रकृति का माना जाए । हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में दस्तावेज जमा किए हुए दो हफ़्ते बीत चुके हैं और हम अभी भी यह नहीं जानते हैं कि राज्य सरकार ने वाकई आँकड़े सुधारे है या नहीं।”

“अटॉर्नी जनरल के कार्यालय के निर्देशों के मुताबिक़, हमने हादसे  से हुए नुकसान के आँकड़ों के सुधार के लिए दस्तावेज जमा कर दिए हैं। हालांकि, हम अभी भी इस बात की पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं कि हमारे द्वारा भेजी गई जानकारी वास्तव में सुप्रीम कोर्ट को सौंपे गए दस्तावेजों के संकलन में शामिल की गई है।” भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष बालकृष्ण नामदेव ने कहा।

केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों नौकरशाहों के इस विषय पर लगातार चुप्पी के खिलाफ बोलते हुए भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन की रचना ढींगरा ने कहा, “हमने केंद्र सरकार के रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अधिकारियों और राज्य सरकार के भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की लेकिन  उन्होंने इस संबंध में ठोस जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया है।”

भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा की शहजादी बी ने कहा, “अक्टूबर माह से सुधार याचिका पर कार्यवाही शुरू होने के बाद से हम अपना काम शान्ति और धीरज के साथ कर रहे हैं। याचिका पर जल्द ही सुनवाई होनी है और अगर हादसे से हुई वास्तविक क्षति के बारे में जजों को अंधेरे में रखा गया तो सुधार याचिका का पूरा बिंदु ही खो जाएगा और भोपाल गैस पीड़ित फिर से न्याय से वंचित कर दिए जाएँगे। हम 26 दिसम्बर तक इंतज़ार करेंगे कि सरकारें हमें बताएँ कि उनके वादों के मुताबिक़ मौतों और स्वास्थ्य को पहुँची क्षति के आँकड़ों  को  वाकई सुधारा गया है। 26  तारीख के बाद हम अपने संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के समर्थन में बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण सीधी कार्रवाई शुरू करेंगे।”

“अक्टूबर में अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उनकी सरकार भोपाल पीड़ितों के सर्वोत्तम हितों को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि वास्तव में सरकार ने अपना वादा निभाया है तो इस मसले पर पारदर्शिता का इतना अभाव क्यों है? सरकार की कथनी और करनी में इतना फर्क क्योँ होता है?” डॉव कार्बाइड के खिलाफ बच्चों की नौशीन खान ने कहा ।

रशीदा बी

भोपाल गैस पीड़ितस्टेशनरी कर्मचारी संघ

8827218215

नवाब खाँ, शहजादी बी

भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा

7441193309

बालकृष्ण नामदेव

भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा,

9826345423

रचना ढींगरा

भोपाल ग्रुप फॉर

इन्फॉर्मेशन एंड एक्शन,

9826167369

नौशीन खान

डाव-कार्बाइड के खिलाफ बच्चे

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