Category Archives: हिन्दी समाचार

News articles, press releases, and campaign posts written in Hindi – हिन्दी समाचार

गैस पीड़ित संगठनों के नेताओं ने राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा 37 साल बाद भी पीड़ितों को इंसाफ और इज्जत की जिंदगी मुहैया ना करा पाने की कड़ी निंदा की

पत्रकार वार्ता
1 दिसंबर 2021

भोपाल में यूनियन कार्बाइड हादसे की 37वीं बरसी के अवसर पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता में गैस पीड़ित संगठनों के नेताओं ने राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा 37 साल बाद भी पीड़ितों को इंसाफ और इज्जत की जिंदगी मुहैया ना करा पाने की कड़ी निंदा की | संगठनों ने राज्य और केंद्र सरकार पर केंद्रित अपनी 37 दिवसीय मुहिम ’37 साल – 37सवाल’ पर भी जानकारी साझा की |

Continue reading गैस पीड़ित संगठनों के नेताओं ने राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा 37 साल बाद भी पीड़ितों को इंसाफ और इज्जत की जिंदगी मुहैया ना करा पाने की कड़ी निंदा की

कार्बाइड के जहरों से पीड़ित माता पिताओ के जन्मजात विकृति के साथ पैदा हो रहे बच्चों ने आज प्रधानमन्त्री और मुख्यमंत्री से आग्रह किया की उनके स्वास्थ्य को पहुंची क्षति के कानूनी अधिकार दिलाए

पत्रकार वार्ता
29 नवम्बर 2021

यूनियन कार्बाइड के जहरों से पीड़ित माता पिताओ के जन्मजात विकृति के साथ पैदा हो रहे बच्चों ने आज प्रधानमन्त्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह किया की यूनियन कार्बाइड/डाव केमिकल से  उनके स्वास्थ्य को पहुंची क्षति के कानूनी अधिकार दिलाए | बच्चों ने “हम होंगें कामयाब” के गीत इस आशा से गाए कि उनकी सालों पुरानी मांगों को सुना जाए ताकि उन्हें इज्जत की जिंदगी मिल सके | गैस पीड़ितों को जन्मे बच्चों में स्वास्थ्य को पहुंची क्षति के  वैज्ञानिक सबूत, न्यायिक स्वीकृति और कानूनी सिद्धांतों के समर्थन होने के बावजूद भी केंद्र और राज्य सरकार, इस बात को नजरअंदाज क्यों कर रही है, पूछती है भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ की रशीदा बी |

Continue reading कार्बाइड के जहरों से पीड़ित माता पिताओ के जन्मजात विकृति के साथ पैदा हो रहे बच्चों ने आज प्रधानमन्त्री और मुख्यमंत्री से आग्रह किया की उनके स्वास्थ्य को पहुंची क्षति के कानूनी अधिकार दिलाए

भोपाल के पीड़ितों के स्वास्थ्य पर शोध करने के लिए बना राष्ट्रीय पर्यावरणीय स्वास्थ्य शोध संस्थान (NIREH) ने पीड़ितों के स्वास्थ्य पर पड़े नुकसान पर वैज्ञानिक अध्ययन क्यों बन्द कर दिए हैं?

प्रेस विज्ञप्ति
13 नवंबर 2021

37 दिन के अभियान के उनीसवे (19) दिन पर भोपाल में यूनियन कार्बाइड गैस हादसे के पीड़ितों ने भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय से जवाब माँगा | उन्होंने पूछा, “2011 में यूनियन कार्बाइड के जहरों से पीड़ितों के स्वास्थ्य पर शोध करने के लिए बना राष्ट्रीय पर्यावरणीय स्वास्थ्य शोध संस्थान (NIREH) ने भोपाल के पीड़ितों के स्वास्थ्य पर पड़े नुकसान पर वैज्ञानिक अध्ययन क्यों बन्द कर दिए हैं ?”

Continue reading भोपाल के पीड़ितों के स्वास्थ्य पर शोध करने के लिए बना राष्ट्रीय पर्यावरणीय स्वास्थ्य शोध संस्थान (NIREH) ने पीड़ितों के स्वास्थ्य पर पड़े नुकसान पर वैज्ञानिक अध्ययन क्यों बन्द कर दिए हैं?

पीड़ितों के संगठनों ने गैस काण्ड की 37 वीं बरसी के उपलक्ष्य में आज से गैस पीड़ितों के इन्साफ और इज्जत की जिंदगी की जीने के लिए 37 दिन का अभियान शुरू किया

पत्रकार वार्ता
26 अक्टूबर 2021

दिसंबर 84 के यूनियन कार्बाइड गैस काण्ड के पीड़ितों के बीच काम कर रहे चार संगठनों ने आज गैस काण्ड की 37 वीं बरसी के उपलक्ष्य में आज से गैस पीड़ितों के इन्साफ और इज्जत की जिंदगी की जीने के लिए 37 दिन का अभियान शुरू किया है |

भोपाल हादसा – 37 साल पर 37 सवाल की मुहिम के जरिए संगठन गैस पीड़ितों को मुआवज़ा, दोषियों को सज़ा, इलाज, रोजगार और समाजिक पुनर्वास तथा प्रदूषित जमीन के ज़हर सफाई जैसे जवलंत मुद्दों पर ध्यान खीचेंगे |

Continue reading पीड़ितों के संगठनों ने गैस काण्ड की 37 वीं बरसी के उपलक्ष्य में आज से गैस पीड़ितों के इन्साफ और इज्जत की जिंदगी की जीने के लिए 37 दिन का अभियान शुरू किया

प्रदूषित कारखाना परिसर पर हादसे का स्मारक बनाने की सरकार की योजना डाव केमिकल द्वारा पर्यावरण और लोगों पर किए जा रहे अपराधों को एक नियोजित तरीके से दबाने की कोशिश है

पत्रकार वार्ता
7 जुलाई 2021

दिसंबर 84 के यूनियन कार्बाइड गैस हादसे के पीड़ितों के बीच काम कर रहे चार संगठनों के नेताओं ने आज एक पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदूषित कारखाना परिसर पर हादसे का स्मारक बनाने की सरकार की यह योजना डाव केमिकल द्वारा पर्यावरण और लोगों पर किए जा रहे अपराधों को एक नियोजित तरीके से दबाने की कोशिश है |

Continue reading प्रदूषित कारखाना परिसर पर हादसे का स्मारक बनाने की सरकार की योजना डाव केमिकल द्वारा पर्यावरण और लोगों पर किए जा रहे अपराधों को एक नियोजित तरीके से दबाने की कोशिश है