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सैकड़ों पीड़ितों की अमरीका, भारत व मध्य प्रदेश सरकारों से मांग – न्याय, इज्जत की जिन्दगी, कंपनियों को पनाह देना बंद

प्रेस विज्ञप्ति

3 दिसम्बर 2016

भोपाल में 3 दिसंबर 84 के विश्व के भीषणतम औद्योगिक हादसे के सैकड़ों पीड़ितों ने आज बीच शहर से बहुराष्ट्रीय अमरीकी कंपनी यूनियन कार्बाइड के कीटनाशक कारखाने तक रैली निकाली । प्रदर्शनकारियों ने बैनर लहराए, नारे लगाए और रैली के अंत में यूनियन कार्बाइड और उसके मालिक डाव केमिकल के लोगो के साथ साथ अमरीकी झंडे को फूँका ।

रैली को आयोजित करने वाले पीड़ितों के पांच संगठनों के नेताओ ने अमरीका, भारत और मध्य प्रदेश की सरकारों से मांग की 5 लाख पीड़ितों के लिए न्याय और इज्जत की जिंदगी सुनिश्चित करें और इन कंपनियों को पनाह देने और उनके साथ सांठगांठ करना बंद करे ।

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32वीं बरसी के अवसर पर साइकड़ों गैस पीड़ितों ने यूनियन कार्बाइड कारखाने के सामने गैस पीड़ित माता की मूर्ति तक मशाल रैली निकाली

प्रेस विज्ञप्ति

2 दिसंबर 2016

भोपाल में यूनियन कार्बाइड गैस हादसे की 32वीं बरसी के अवसर पर साइकड़ों गैस पीड़ितों ने यूनियन कार्बाइड कारखाने के सामने गैस पीड़ित माता की मूर्ति तक मशाल रैली निकाली | रैली के अंत मे उन्होनेगैस कांड की वजह से मारे गए लोगो को श्राद्धांजली अर्पित की | कार्बाइड कारखाने के पास के मोहल्लॉ, जहां का भूजल जहरीले कचरे की वजह से प्रदूषित हो गया है, के रहवासी भी रैली मे शामिल हुए |

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32 वीं बरसी – भोपाल गैस हादसे के पीड़ितों के पाँच संगठनों ने पत्रकार वार्ता को संबोधित किया

पत्रकार वार्ता

30 नवम्बर 2016

3 दिसंबर को विश्व के भीषणतम औद्योगिक हादसे की 32 वीं बरसी के उपलक्ष्य में भोपाल में यूनियन कार्बाइड गैस हादसे के पीड़ितों के पाँच संगठनों ने संयुक्त रूप से आज एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ये हादसा आज भी जारी है और हादसे के बाद पैदा हुई पीढ़ियाँ बहुराष्ट्रीय अमरीकी कंपनी के कीटनाशक कारख़ाने के जहरों से पीड़ित हो रही हैं। संगठनों ने कहा कि कंपनी के द्वारा परित्यक्त कारखाना आज भी इंसानों की जान ले रहा है और उन्हें अपंग कर रहा है। उनका कहना था कि कारख़ाने के चलने के 14 सालों में बने हज़ारों टन ज़हरीले कचरे को जमीन के नीचे दबा देने की वजह से उसके आस-पास का भूजल प्रदूषित हो रहा है।

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डाव केमिकल कम्पनी को बचाने के विरोध में हादसे के पीड़ितों ने अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा का पुतला जलाया

प्रेस विज्ञप्ति

13 अगस्त 2016 

अमरीकी सरकार द्वारा यूनियन कार्बाइड गैस हादसे पर भोपाल जिला अदालत में जारी आपराधिक प्रकरण से डाव केमिकल कम्पनी को बचाने के विरोध में आज हादसे के पीड़ितों ने अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा का पुतला जलाया। अमरीकी राष्ट्रपति के दफ्तर के वेबसाइट पर 1 लाख से अधिक हस्ताक्षरकर्ताओं द्वारा जिला अदालत से डाव केमिकल के ख़िलाफ़ जारी नोटिस की अमरीकी न्याय विभाग द्वारा तामीली की माँग के जवाब में दिए गए बयान पर गैस पीड़ितों के संगठनों के नेताओं ने आक्रोश जताया।

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भोपाल के समर्थक भारत में अमरीकी दूतावासों के बाहर प्रदर्शन कर यह माँग करेंगे कि अमरीकी सरकार डाव केमिकल को सरंक्षण देना बंद करे| समर्थक @POTUS और @PMO पर ट्वीट कर 19 अगस्त की पेशी पर डाव केमिकल को हाज़िर करवाने का सन्देश भी भेजेंगे |

अमरीकी राष्ट्रपति के दफ्तर से जारी बयान के अनुसार कि अगर वह अमरीकी न्याय विभाग को डाव केमिकल पर नोटिस तामिल करवाने के लिए कहती है तो यह “अनुचित दबाव” डालना  होगा| ये तो सरासर फ़रेब है |  न्याय विभाग को भारत और अमरीका के बीच की संधि की शर्तों का पालन करने को कहना अनुचित कैसे हो सकता है ?”, कहते हैं भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के बालकृष्ण नामदेव।

भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा के नवाब ख़ाँ कहते हैं “अमरीकी सरकार द्वारा भारत के साथ संधि की शर्तों का उल्लंघन अनुचित दवाब के बहाने से करना वाकई दिलचस्प है क्योंकि भोपाल में अमरीकी सरकार आज तक यही करती आई है। इस बात के दस्तावेज़ी सबूत है कि अमरीकी सरकार ने भोपाल में यूनियन कार्बाइड के कारख़ाने को लगाने में और भोपाल अदालत में जारी कानूनी कार्यवाही से कंपनी के अध्यक्ष वॉरेन एण्डरसन को बचाने में अनुचित दवाब का इस्तेमाल किया है।”

“अमरीकी  न्याय विभाग द्वारा भोपाल अदालत से जारी 4 नोटिसों पर अमरीका और भारत के बीच 25 साल पुरानी पारस्परिक कानूनी सहायता संधि के लगातार उल्लंघन पर भारत सरकार और ख़ासकर केंद्रीय गृह मंत्रालय की चुप्पी पर हम हैरान हैं। , कहती हैं भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन एण्ड एक्शन की रचना ढींगरा। उन्होंने  बताया कि संगठनों ने प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय को चिट्ठी लिख कर यह माँग की है कि भारत सरकार पारस्परिक कानूनी सहायता संधि के तहत अमरीकी सरकार के किसी भी अनुरोध का सम्मान न करे जब तक भोपाल जिला अदालत द्वारा जारी नोटिस अमरीकी न्याय विभाग डाव केमिकल को तामील नहीं कराती है।

डाव – कार्बाइड के खिलाफ बच्चों की साफ़रीन ख़ान कहती हैं, “राष्ट्रपति ओबामा ने मैक्सिको की खाड़ी में तेल रिसाव हादसे के लिए एक ब्रिटिश कम्पनी के चूतड़ पर लात मारने की कसम खाई थी पर जब यही बात अमरीकी कंपनी के लिए आती है तो उसे वह चूमते नजर आते हैं।”

बालकृष्ण नामदेव

भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा, 9826345423

नवाब खाँ

भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा

8718035409

रचना ढींगरा, सतीनाथ षडंगी

भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन एंड एक्शन,

9826167369

साफरीन ख़ान

डाव-कार्बाइड के खिलाफ बच्चे

Read the press release in English

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यूनियन कार्बाइड गैस हादसे की 31 वीं बरसी के पूर्वसंध्या में पीड़ितों के पाँच संगठनों ने मिलकर अपराधी कंपनियों को सज़ा और पीड़ितों को अतिरिक्त मुआवजे लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया

प्रेस विज्ञप्ति

दिसम्बर 02, 2015

भोपाल में यूनियन कार्बाइड गैस हादसे की 31 वीं बरसी के पूर्वसंध्या में पीड़ितों के पाँच संगठनों  ने आज एक मशाल जूलूस निकाली |   जूलूस का समापन परित्यक्त यूनियन कार्बाइड कारखाने के सामने भोपाल माता की मूर्ती पर हुआ जहाँ संगठनों के सदस्यों ने गैस्काण्ड के मृतकों को श्रद्धांजली दी |  संगठनो के सदस्यों ने मिलकर अपराधी कंपनियों को सज़ा और पीड़ितों  को अतिरिक्त मुआवजे  लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया ।

संगठनों ने कहा की भारत सरकार ने 3 दिसंबर 2010 को युनियन कार्बाइड और उसके मालिक डाव केमिकल से 1.2 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त मुआवजा लेने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में सुधार याचिका दायर की थी । उनके अनुसार पिछले 5 सालों में इस याचिका पर मात्र एक बार सुनवाई हुई है और भारत सरकार द्वारा त्वरित सुनवाई के लिए आज तक एक भी आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है ।

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संगठनों का आरोप है की भारत सरकार ने सुधार याचिका में यूनियन कार्बाइड द्वारा पहुँचाए गए नुकसान को कम करके बताया है और अतिरिक्त मुआवजे के तौर पर बहुत छोटी राशि की मांग की है । “1985 में भारत सरकार ने मुआवजा बतौर 3.3 बिलियन डॉलर की मांग की थी जो आज के दर से 7 बिलियन डॉलर होगा । यूनियन कार्बाइड ने आज तक मुआवजे में सिर्फ 470 मिलियन डॉलर दिया है । सरकार को सुधार याचिका के तहत कम से कम 6.5 बिलियन डॉलर माँगने चाहिए और जो माँगा जा रहा है वो उसके पांचवे हिस्से से भी कम है,” कहती है भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ की रशीदा बी ।

भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष बालकृष्ण नामदेव ने कहा, “केंद्र और प्रदेश की सरकारे हादसे के वजह से हुई मौतों और बीमारियों के झूठे आंकड़ों के आधार पर अतिरिक्त मुआवजे में बहुत कम धनराशि की मांग कर रहे है । सरकार कहती है की हादसे में सिर्फ 5295 लोग मारे गए जबकि सरकारी शोध संस्था के रिकार्ड बताते है की गैस काण्ड के  बाद के 9 सालों में 10,000 से ज्यादा लोग मारे गए है ।”

भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा के नवाब खां ने बताया की मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित आंकड़े यह बताते है की सन 2010 में गैस पीड़ितों के अस्पतालों में इलाज लेने वालों में से 431495 पुराने रोगी थे । “अस्पतालों के अलावा इलाज के लिए दूसरी जगह जाने वाले पीड़ितों की अगर गिनती की जाए तो यह निश्चित तौर पर कहा जा सकता है की 1984 में गैस से प्रभावित लोगों में से 90% को आज भी अस्पतालों में इलाज लेना पड़ रहा है । इसके विपरीत केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दायर सुधार याचिकाओं में यह कहा गया है की ९३% पीड़ित सिर्फ एक दिन के लिए अस्पताल गए है “, उन्होंने कहा  |

भोपाल ग्रुप फॉर इनफार्मेशन एंड एक्शन के सतीनाथ षडंगी के मुताबिक़ भारत सरकार के साथ दो अमरीकी कंपनियों -यूनियन कार्बाइड और  वर्तमान मािलक डाव केमिकल कंपनी की सांठगांठ जारी रहने के वजह से ही गैस पीड़ितों को  इन्साफ नहीं मिल पा रहा है ।

“आज के दौर में अमरीकी कंपनियों और भारत सरकार की नापाक सांठगांठ और भी मजबूत हो गई है । मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भोपाल के कातिलों के खिलाफ इन्साफ हासिल करना और भी मुशिकल हो गया है,” कहती है डाव कार्बाइड के खिलाफ बच्चों की साफरीन खां ।

 

रशीदा बी

भोपाल गैस पीड़ित स्टेशनरी कर्मचारी संघ

9425688215

बालकृष्ण नामदेव

भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा, 9826345423

नवाब खाँ

भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा

8718035409

रचना ढींगरा, सतीनाथ षडंगी

भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन एंड एक्शन, 9826167369

साफरीन ख़ान

डाव-कार्बाइड के खिलाफ बच्चे

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