NIREH – प्रेस विज्ञप्ति

प्रेस विज्ञप्ति                     11 अक्टूबर 2014

भोपाल में दिसंबर ’84 यूनियन कार्बाइड पीड़ितों के बीच  काम कर रहे पांच संगठनों ने आज राष्ट्रीय पर्यावरणीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान (NIREH) की चौथी स्थापना दिवस समारोह के दौरान, (NIREH) के दफ्तर के के बाहर प्रदर्शन किया । उन्होंने भारतीय अनुसंधान चिकित्सा परिषद (आईसीएमआर) के 31वे केंद्र पर भोपाल गैस पीड़ितों के हितों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया.

भोपाल गैस पीडित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ की रशीदा बी कहती है, “वर्तमान इमारत के नवीनीकरण में 8 करोड़ रूपए खर्च होने के बावजूद NIREH में आज कोई भी प्रयोगशाला चालू हालत में नहीं है । खरीदी गई 32 मशीनों में से आज तक सिर्फ 2 मशीनों का ही इस्तेमाल हुआ है और सभी मशीनों की वारंटी अवधि ख़त्म हो चुकी है ।”

भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के बालकृष्ण नामदेव कहते है, प्रस्तावित 10 शोध योजनाओं में से NIREH में वर्तमान में मात्र 1 शोध कार्य चल रहा है । 2 और चालू शोध कार्य बहार के शोधकर्ताओं द्वारा निजी कार्यस्थलों पर किए जा रहे है ।” उन्होंने कहा, “NIREH में पिछले 4 सालों में, 184 स्वीकृत पदों में से मात्र 44 पद ही भरे गए  है और आज तक एक पूर्णकालिक डायरेक्टर की भी नियुक्ति नहीं की गई है ।”

“आई.सी.एम.आर. की शोध नीति के विरुद्ध गैस पीड़ितों पर किए जा रहे अध्ययन उनकी सहमती के बगैर किए गए है,” कहते है भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा के नवाब खां ।  उनका कहना है  पिछले 4 सालों में एक भी शोध कार्य पूरा नहीं हुआ है औरNIREH की वजह से मात्र 412 गैस पीड़ित ही लाभान्वित हुए है ।

संगठनों ने NIREH में कार्यरत कर्मचारियों की गुणवत्ता और शैक्षिक योग्यता पर भी सवाल उठाए । उन्होंने कहा की NIREH के 5 वैज्ञानिकों में से 4 ने अपने पूरे कार्यकाल में 1 भी शोधपत्र किसी अंअंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिका में प्रकाशित नहीं किया है । 2 वैज्ञानिकों को कार्य समय में प्रायवेट क्लीनिक चलाने के आरोप में निलंबित किया गया है । भोपाल ग्रुप फॉर इन्फार्मेशन एंड एक्शन की रचना ढिंगरा ने बताया कि, “दिसंबर  2013 में प्रतिष्ठित अंतराष्ट्रीय पत्रिका “द लैंसेट में इसके द्वारा प्रकाशित शोध रिपोर्ट की गंभीर आलोचना के 10 महीने बाद भी NIREH आज तक कोई जवाब नहीं दे पाई है ।”

संगठनों ने शिकायत की वेबसाईट में उल्लेखित 9  क्लिनिकल रिसर्च विंग में से सिर्फ 1 ही विंग चल रहा है और वो भी अंशकालिक रूप से । (http://www.nireh.org/aboutus.asp)
संगठनों के प्रतिनिधियों ने NIREH के कार्यवाहक निदेशक को पत्र सौंपा जिनमे इन सभी 9 गंभीर मुद्दों  का उल्लेख था और उनसे  प्रतिक्रिया की मांग की.

रशीदा बीभोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ9425688215 बालकृष्ण नामदेवभोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा9826345423 नवाब खाँभोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा8718035409 सतीनाथ षड़ंगी, रचना ढिंगराभोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन एंड एक्शन9826167369 साफरीन ख़ानडाव-कार्बाइड के ख़िलाफ बच्चे 

 

Share this:

Facebooktwitterlinkedinmail

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Search the website


Support the Campaign

The International Campaign for Justice in Bhopal is supported by generous tax-exempt donations from individuals like you, and we make the most of every dollar we receive. The Pesticide Action Network-North America (PANNA) is our fiscal sponsor and you can make your tax-deductible donation to the Bhopal Campaign through their secure, online website using credit card, check or PayPal.



Important Links